5% से ज्यादा गिरी क्रूड ऑयल की कीमतें, मंदी का सता रहा डर!

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ऑयल कंपनीयो को सता रहा डर कि महंगाई को काबू में करने के लिए इंटरेस्ट रेट्स में जो तेज बढ़ोतरी की गई है, की वह कहीं मंदी को बुलावा न दे दे और हो सकता है इसका असर ऑयल की डिमांड पर भी पड़ सकता है।

क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की कीमतों में बुधवार को 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। ऑयल कंपनीयो को डर सता रहा है कि महंगाई को काबू में करने के लिए इंटरेस्ट रेट्स में जो तेज बढ़ोतरी की गई है, की वह कहीं मंदी को बुलावा न दे दे और हो सकता है इसका असर ऑयल की डिमांड पर भी पड़ सकता है। बुधवार को वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट की कीमत 5.6 फीसदी गिरकर 103.31 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। वहीं, ब्रेंट क्रूड की कीमत 5.2 फीसदी गिरकर 108.62 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं।

पिछले कुछ दिनों में कई साल के टॉप पर पहुंच गईं थी क्रूड ऑयल की कीमतें

कुछ महीनों में क्रूड ऑयल की कीमत कई साल के टॉप पर पहुंच गईं थीं। क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी इस बढ़ोतरी यूक्रेन वॉर की वजह से आई थी, कि कही यूक्रेन वॉर की वजह से सीमित सप्लाई शायद बढ़ती डिमांड को पूरा न कर पाए। वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल का हालिया उच्चतम स्तर करीब 124 डॉलर प्रति बैरल है। HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) तपन पटेल का कहना है कि क्रूड का नियर टर्म सपोर्ट 98 डॉलर प्रति बैरल है, जबकि 123 डॉलर प्रति बैरल पर रेसिस्टेंस है।

दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं में मंदी आने का डर बाद गया है

इनफ्लेशन 1980 के बाद से हाई लेवल पर पहुंच गई है। एनर्जी कॉस्ट बढ़ने से महंगाई में तेज उछाल आया और इनफ्लेशन को कंट्रोल करने के लिए सेंट्रल बैंकों को बॉरोइंग कॉस्ट बढ़ानी पड़ी है। बढ़ती ब्याज दरों की वजह से दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं में मंदी आने का डर बढ़ा गया है और क्रूड मार्केट्स में नरमी का माहौल है। वहीं, गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि उसे उम्मीद है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिलेगी। गोल्डमैन सैक्स का कहना है, ‘कमोडिटी की डिमांड इसकी सप्लाई से कहीं ज्यादा है। ग्रोथ रेट्स स्लो होने के बावजूद मार्केट्स टाइट बना रहेगा।’

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